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मुख्यमंत्री धामी के प्रयास रंग लाए, जंगली जानवरों से किसानों की फसल बचाने के लिए घेर-बाड़ योजना को फिर से मिली केंद्रीय मदद

ByNewuttarakhand

Mar 13, 2026

मुख्यमंत्री धामी के प्रयास रंग लाए, जंगली जानवरों से किसानों की फसल बचाने के लिए घेर-बाड़ योजना को फिर से मिली केंद्रीय मदद

 

 

जंगली जानवरों से किसानों की फसल बचाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास रंग लाए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातचीत के बाद घेर-बाड़ योजना के लिए केंद्रीय मदद एक बार फिर से मिलनी शुरू हो गई है। इस क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 25 करोड़ रूपये की सहायता उत्तराखंड के लिए मंजूर की है।
उत्तराखंड में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने घेर बाड़ योजना शुरू की है। तीन वर्ष पहले तक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर आर्थिक सहयोग किया जा रहा था। मगर बाद में केंद्रीय सहायता बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला योजना से घेर बाड़ के लिए मदद उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस योजना में केंद्रीय मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घेर बाड़ योजना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से 25 करोड़ की स्वीकृति मिलने की जानकारी सदन में दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों गौचर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने सरकार ने इस विषय को रखा था। अब इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर 25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मंत्रालय का पत्र विभाग को प्राप्त हो गया है।

*तीन वर्षों में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़*
राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़ कराई गई है। इस क्रम में 44 हजार 429 किसान लाभान्वित हुए हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में संवेदनशीलता दिखाई है। इस बार के बजट में घेर बाड़ योजना के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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